भारतीय रेलवे, जो देश की परिवहन रीढ़ है, ने विकलांग यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए कई पहल की हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण कदम है “विकलांग रेलवे स्मार्ट कार्ड” (जिसे दिव्यांगजन स्मार्ट कार्ड भी कहा जाता है)। यह कार्ड विकलांग व्यक्तियों को रियायती दरों पर टिकट, सीट आरक्षण में प्राथमिकता और अन्य सुविधाएं प्रदान करता है। यह ब्लॉग इस कार्ड के उद्देश्य, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली अतिरिक्त सुविधाओं पर प्रकाश डालता है।
विकलांग रेलवे स्मार्ट कार्ड क्या है?
विकलांग रेलवे स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल पहचान पत्र है, जो भारतीय रेलवे द्वारा विकलांग यात्रियों को जारी किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य रेल यात्रा को विकलांग व्यक्तियों के लिए किफायती और सुगम बनाना है। यह कार्ड 25% से 75% तक की टिकट छूट प्रदान करता है, जो विकलांगता की प्रकृति और प्रतिशत पर निर्भर करता है।
पहले, विकलांग यात्रियों को रियायती टिकट प्राप्त करने के लिए सरकारी विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना पड़ता था। हालांकि, 2015 में रेलवे ने एक यूनिक आईडी कार्ड प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी (भास्कर न्यूज़)। नवंबर 2024 तक, यह सेवा पूरे देश में ऑनलाइन उपलब्ध हो गई है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक हो गई है (द हिंदू).
कार्ड की वैधता 5 वर्ष है, और यह निम्नलिखित विकलांगता श्रेणियों के लिए उपलब्ध है:
- दृष्टि दोष (पूर्ण दृष्टिहीनता)।
- मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति। श्रवण और वाक् दोष (दोनों एक साथ)।
- शारीरिक रूप से अक्षम/पैराप्लेजिक व्यक्ति।
Viklang railway smart card कार्ड के लाभ
विकलांग रेलवे स्मार्ट कार्ड कई लाभ प्रदान करता है, जो यात्रा को अधिक समावेशी बनाते हैं:
- टिकट छूट:
- 25% से 75% तक की छूट, जो विकलांगता के प्रकार पर निर्भर करती है।
- कुछ मामलों में, एक सहायक (एस्कॉर्ट) को भी 50% तक की छूट मिल सकती है।
- सीट आरक्षण में प्राथमिकता:
- सभी कोच प्रकारों (स्लीपर, एसी 3-टियर, आदि) में विशेष आरक्षण कोटा।
- टिकट बुकिंग में प्राथमिकता, विशेष काउंटरों के माध्यम से।
- यात्रा में सुविधा:
- टिकट बुकिंग ऑनलाइन (IRCTC) या ऑफलाइन (टिकट काउंटर/UTS ऐप) के माध्यम से आसानी से की जा सकती है।
- डिजिटल कार्ड होने से बार-बार दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
- अन्य सुविधाएं:
- स्टेशनों पर व्हीलचेयर और एस्कॉर्ट सेवा।
- लिफ्ट और रैंप, जो अधिकांश प्रमुख स्टेशनों पर उपलब्ध हैं।
- विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए टॉयलेट और कोच।
- दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए ध्वनि-संवेदनशील संकेत।
- आधुनिक सुविधाएं जैसे रेलवे ऐप्स और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड।
Viklang railway smart card कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया
2024 में, भारतीय रेलवे ने कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिससे विकलांग यात्रियों को रेलवे कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं है (न्यूज़18). आवेदन के लिए निम्नलिखित चरण और दस्तावेज आवश्यक हैं:
Viklang railway smart card आवश्यक दस्तावेज
दस्तावेज | विवरण |
---|---|
विकलांगता प्रमाण पत्र | जिला चिकित्सा अधिकारी या सरकारी अस्पताल द्वारा जारी, जिसमें विकलांगता का प्रकार और प्रतिशत स्पष्ट हो। |
फोटो आईडी | आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि (स्व-प्रमाणित प्रति)। |
जन्म प्रमाण पत्र | आयु प्रमाण के लिए (स्कूल प्रमाण पत्र, पैन कार्ड आदि)। |
पता प्रमाण | आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि (स्व-प्रमाणित प्रति)। |
फोटो | दो पासपोर्ट आकार के फोटो। |
viklang smart card kaise banaye आवेदन प्रक्रिया
- दिव्यांगजन पोर्टल पर जाएं।
- “नया आवेदन” विकल्प चुनें और व्यक्तिगत विवरण (नाम, आधार नंबर, ईमेल, मोबाइल नंबर) दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी (JPG/PDF प्रारूप, अधिकतम 5 MB) अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें।
- आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करें।
- स्वीकृति के बाद, डिजिटल कार्ड डाउनलोड करें।
- दस्तावेजों में डॉक्टर का नाम, पंजीकरण संख्या और विकलांगता का विवरण स्पष्ट होना चाहिए।
- पोर्टल पर एक उपयोगकर्ता मैनुअल उपलब्ध है, जो आवेदन प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।
- शिकायतों के लिए, यात्री PG पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
विकलांग यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं
भारतीय रेलवे ने विकलांग यात्रियों की सुविधा के लिए कई अन्य पहल की हैं, जो उनकी यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाती हैं (जॉब्स नेशन लाइव):
सुविधा | विवरण |
---|---|
विशेष आरक्षण कोटा | स्लीपर क्लास और एसी 3-टियर में विशेष कोटा। |
स्टेशन सुविधाएं | व्हीलचेयर, एस्कॉर्ट सेवा, लिफ्ट, रैंप। |
विशेष डिज़ाइन | विकलांगों के लिए डिज़ाइन किए गए टॉयलेट और कोच। |
ऑनलाइन सहायता | IRCTC वेबसाइट और ऐप के माध्यम से बुकिंग सहायता। |
आधुनिक तकनीक | ध्वनि-संवेदनशील संकेत, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, रेलवे ऐप्स। |
इन सुविधाओं ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को विकलांग यात्रियों के लिए अधिक समावेशी बनाया है। उदाहरण के लिए, लखनऊ मंडल में 2023 में शुरू की गई ऑनलाइन सुविधा ने आवेदन प्रक्रिया को और सरल किया (हिंदुस्तान)।